'कवच' यानी 'कैब सिग्नलिंग ट्रेन कंट्रोल सिस्टम' एंटी कॉलिजन फीचर से लैस है. रेडियो तरंगों के जरिए ये सिस्टम पता लगा लेता है कि ट्रैक पर कोई ऑब्जेक्ट मौजूद है या नहीं. अगर ट्रैक पर कोई ट्रैन, आदमी या जानवर है तो 'कवच' सिस्टम एक्टिवेट हो जाता है. और फौरन ट्रेन की रफ्तार पर ब्रेक लगा देता है. ऐसे में हादसा होने से बच जाता है. कई बार लोको पायलट की गलती से या टेक्निकल फॉल्ट की वजह से ट्रेन रेड सिग्नल क्रास कर जाती है. ऐसे में दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है. 'कवच' सिस्टम एक्टिव होकर ट्रेन में ऑटेमेटिकक ब्रेक्स लगा देता है, जिससे ट्रेन रुक जाती है. इसके अलावा अगर लोकोपायलट ओवरस्पीडिंग करता है तो भी कवच सिस्टम ट्रेन की रफ्तार पर रोक लगा देता है. इसमें लगे नेटवर्क मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए ट्रेन के मूवमेंट पर नजर रखी जा सकती है. खराब मौसम में भी ये सिस्टम बेहद कारगर है. किसी भी इमरजेंसी में 'कवच' SoS मैसेज भेजता है, ताकि खतरे से निपटा जा सके. 'कवच' सिस्टम को रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) ने डेवलप किया है. इसे नेशनल ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम यानी (NATP) के तौर पर अडॉप्ट किया गया है. ये सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल-4 मानकों का पालन करता है. जो मौजूदा सिग्नलिंग सिस्टम पर कड़ी निगरानी बनाए रखता है. सिंकदराबाद स्थित इंडियन रेलवेज इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेलीकम्यूनिकेशन पर 'कवच' सिस्टम की देखरेख की जिम्मेदारी है.