नीतीश कब क्या करेंगे इसकी अनिश्चितता तो बनी ही रहती है. इसलिए नीतीश बिहार की राजनीति में पिछले 18 साल से प्रासंगिक बने हुए हैं. लेकिन कई बार इधर उधर करने की वजहों से नीतीश की विश्वसनियता पर बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है. यही वजह है कि तेजस्वी ने जब से कहा है कि चाचा नीतीश 4 जून के बाद पलटी मारने वाले हैं तबसे बिहार का सियासी पारा एक बार फिर से गरम हो उठा है. नीतीश दिल्ली पहुंच गए हैं और पीएम मोदी से मिलने के बाद गृहमंत्री अमित शाह से भी मिलने वाले हैं. लेकिन पांच जून की बजाय 3 जून को ही उनके लौटने का कार्यक्रम तय हो जाना नीतीश के करीबियों को भी हैरान कर रहा है. यही वजह है कि फिर से नीतीश कुमार को लेकर कयासों का बाजार गरम हो गया है.