Brand Story Ep 4: मिठाई की दुकान से Lovely Professional University तक कैसे बदली LPU Group की तक़दीर?

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (Lovely Professional University) इस समय देश की सबसे बड़ी प्राइवेट यूनिवर्सिटी में से एक है. LPU का एक शैक्षणिक संस्थान के रूप में इस मुकाम पर पहुंचना इस समूह के वर्षों के कठिन परिश्रम का परिणाम है। 500 रूपये के कर्ज़ से मिठाई की दुकान खोलने से लेकर देश की सबसे बड़ी प्राइवेट यूनिवर्सिटी बनने के बिच क्या रही इस ब्रांड की कहानी, देखेंगे 'ब्रांड स्टोरी' (Brand Story) के इस नए एपिसोड में. 1999 में शुरू हुए इस समूह को मंजूरी पाने और छात्रों को आकर्षित करने के लिए सालों तक इंतजार करना पड़ा। 2006 तक विश्वविद्यालय को आधिकारिक दर्जा मिला। लवली ग्रुप के अध्यक्ष और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) के संस्थापक चांसलर, अशोक मित्तल, कहते हैं, "कोई भी व्यवसाय बाधाओं में भाग लेने के लिए होता है ... ताकत सही दिशा में प्रयास करने में है।" 18 साल तक इस संस्थान ने खुद को मजबूती से खड़ा करने में लगाया और आज एलपीयू (LPU) में 60 देशों के करीब 40,000 छात्र शिक्षा ले रहे हैं - यह संख्या एक निजी विश्वविद्यालय के लिए काफी अधिक है। आज लवली ग्रुप शिक्षा, मिठाई और ऑटोमोबाइल डीलरशिप श्रेणियों में लगभग 800 करोड़ रुपये का विशाल समूह बन चूका है। 1961 में अशोक मित्तल के पिता स्वर्गीय बलदेव राज मित्तल ने 500 रुपये के ऋण के साथ एक मिठाई की दुकान शुरू की थी। जालंधर कैंट में खोली गई छोटी सी दुकान काफी चली। बलदेव राज मित्तल के दो बड़े बेटों रमेश और नरेश मित्तल ने पिता का कारोबार संभाला। सबसे छोटे बेटे अशोक मित्तल ने लॉ में ग्रेजुएशन की। इसके बाद वे भी ऑटो सेक्टर के कारोबार में उतर आए।उन्होंने लवली ऑटो के नाम से अपना कारोबार शुरू किया। इस क्षेत्र में सफलता के बाद अशोक मित्तल ने शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सोचा और फगवाड़ा में लवली प्रोफेशनल कॉलेज की नींव रखी। बाद में यह यूनिवर्सिटी में बदल गई। ब्रांड स्टोरी के इस ताज़ा एपिसोड में मिलवाते हैं आपको Mr. Aman Mittal से जो की अशोक मित्तल के पुत्र होने के साथ-साथ Lovely Professional University के Vice President भी हैं। देखिये पूरी कहानी वीडियो में.