गोरक्षा के मुद्दे पर लखनऊ में होने वाले शंखनाद कार्यक्रम से पहले काशी में संत समाज के बीच विवाद गहराता नजर आ रहा है. पातालपुरी मठ काशी के पीठाधीश्वर बालक देवा चार्य ने कहा कि वे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य नहीं मानते और आरोप लगाया कि वे 2027 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए राजनीति कर रहे हैं. वहीं वैष्णव विरक्ति संत समाज के संतों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में गाय पूरी तरह सुरक्षित हैं और सरकार को बदनाम करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए.