उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 13 जनवरी 2025 से महाकुंभ लगने जा रहा है. ये महाकुंभ 26 फरवरी को खत्म होगा. महाकुंभ और कुंभ जैसे आयोजन पर अवसर पर ही अखाड़ों के साधु संतों को देखा जाता है. इस बार के महाकुंभ में भी साधु संतों के ये अलग-अलग अखाड़े नजर आएंगे. कुंभ मेले के दौरान अखाड़ों की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पहलुओं में अहम भूमिका होती है. लेकिन ये अखाड़े होते क्या हैं, कितने तरह के होते हैं और इनका मतलब क्या होता है.