Hindus को कई राज्यों में minority का दर्जा देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने एक बड़ी लकीर खींची है। SC ने साफ कहा है कि किसी भी समुदाय के धार्मिक और भाषायी अल्पसंख्यक का दर्जा राज्य की आबादी के आधार पर राज्यवार निर्धारित होना चाहिए। यह न्याय का उपहास होगा, अगर मिजोरम और नगालैंड में बहुसंख्यक ईसाइयों को अल्पसंख्यक का दर्जा दिया जाए या पंजाब में सिखों को अल्पसंख्यक समुदाय माना जाए। सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक पीआईएल दाखिल कर उन राज्यों में हिंदुओं को अल्पसंख्यक समुदाय घोषित करने की मांग की गई है, जहां उनकी आबादी दूसरे समुदायों से कम हैं। जस्टिस यूयू ललित, एस रवींद्र भट और सुधांशु धूलिया की पीठ ने कहा कि इस तरह के किसी भी समुदाय को धार्मिक या भाषायी अल्पसंख्यक कम्युनिटी माना जाएगा। #SupremeCourt #Hindus #minority