Dr. Radhakrishnan ने BHU में बिना वेतन क्यों 9 साल पढ़ाया? | Teacher's Day Special

भारत में जब भी एजूकेशन रिफॉर्म्स की बात होती है, तो डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जरूर याद किए जाते हैं. शिक्षा क्षेत्र में उनका योगदान अतुलनीय है. इसी वजह से 5 सितंबर को उनका जन्मदिन 'शिक्षक दिवस' के रूप में मनाया जाता है. डॉक्टर राधाकृष्णन देश के पहले उपराष्ट्रपति भी थे. जो राजेंद्र प्रसाद के बाद देश के दूसरे राष्ट्रपति भी बने. लेकिन क्या आप जानते हैं, काशी हिंदू विश्वविद्यालय और उसके फाउंडर महामना मदन मोहन मालवीय से उनका गहरा नाता रहा है. काशी हिंदू विश्वविद्यालय.... जिसे हम आज बीएचयू के नाम से जानते हैं. यूपी के वाराणसी में पंडित मालवीय ने ये पौधा लगाया था. वो ही इसके पहले माली थे. कुछ साल तक तो वो इस पौधे को खाद-पानी देते रहे, लेकिन जल्द ही उनकी तबीयत खराब रहने लगी. मालवीय जी का स्वास्थ्य लगातार गिरता जा रहा था. लेकिन उन्हें अपने लगाए पौधे के सूखने की चिंता सता रही थी. मालवीय जी को ऐसे माली की तलाश थी जो, उनकी तरह बीएचयू की नि:स्वार्थ भाव से सेवा करता रहे.