Bangladesh की निर्वासित लेखिका Taslima Nasrin ने की Residence Permit बढ़ाने की अपील

बांग्लादेशी की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग के अलावा, एक और मुद्दा मीडिया की सुर्खियों में रहा. ये मुद्दा था बांग्लादेश की निर्वासित लेखिका तस्लीमा नसरीन के रेजिडेंस परमिट का. दरअसल, 22 अक्टूबर को तस्लीमा नसरीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भारत सरकार से अपना रेजिडेंस परमिट बढ़ाने की मांग की थी. उन्होंने लिखा था कि "मेरा भारतीय रेजिडेंस परमिट 22 जुलाई को एक्सपायर हो गया है. लेकिन गृह मंत्रालय उसे रिन्यू नहीं कर रहा है. बीते 20 सालों से भारत मेरा दूसरा घर है. लेकिन परमिट रिन्यू ना होने की वजह से मैं परेशान हूं. अगर सरकार मुझे भारत में रहने देगी, तो मैं शुक्रगुजार रहूंगी." इस पर फौरी एक्शन लेते हुए गृह मंत्रालय ने तस्लीमा नसरीन का परमिट 6 महीने के लिए बढ़ा दिया. जिसके बाद तस्लीमा ने X फिर एक पोस्ट किया. इस पोस्ट में उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया है. बहरहाल, ये तो थी ख़बर...लेकिन बड़ा सवाल ये है कि भारत सरकार, बांग्लादेश से निर्वासित लेखिका को शरण क्यों दिए है? जबकि, बांग्लादेश उसका मित्र देश है. साथ ही सवाल ये भी उठता है आखिर, तस्लीमा नसरीन की वतन वापसी क्यों नहीं हो पा रही? पिछले तीन दशकों से वो यूरोप, अमेरिका और भारत में निर्वासित जीवन बिता रही हैं.