वाराणसी में एलपीजी सिलेंडर संकट का असर अब साफ नजर आने लगा है। बनारस के मशहूर नाश्ते—कचौड़ी, जलेबी और समोसे—पर भी इसका सीधा असर पड़ा है। ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक करीब 20% से ज्यादा नाश्ते की दुकानें बंद हो चुकी हैं, जबकि 50% से ज्यादा दुकानदार कोयले के चूल्हे पर शिफ्ट हो गए हैं। मैदागिन, लहुराबीर, चौक और गोदौलिया जैसे इलाकों में दुकानदारों ने बताया कि कमर्शियल गैस सिलेंडर कई दिनों से नहीं मिल रहा। वहीं कुछ बड़े प्रतिष्ठान अब सीमित समय और सीमित मात्रा में ही नाश्ता उपलब्ध करा पा रहे हैं। क्या मिडिल ईस्ट संकट का असर अब आम लोगों की थाली तक पहुंच गया है? देखिए वाराणसी से ये खास ग्राउंड रिपोर्ट।